:
Breaking News

20 साल बाद बिहार लौटे UK के AI मंत्री कनिष्क नारायण, JDU के संजय झा के साथ तकनीकी और AI नवाचार पर लंबी चर्चा, राज्य में डिजिटल क्रांति की संभावनाएं उजागर

top-news
https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

पटना: बिहार के इतिहास में अब एक और आधुनिक अध्याय जुड़ गया है। यूनाइटेड किंगडम के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मंत्री कनिष्क नारायण 20 साल बाद अपनी जन्मभूमि पर लौटे और पटना में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद संजय झा से शिष्टाचार मुलाकात की। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि दोनों नेताओं ने राज्य में तकनीक, निवेश और AI आधारित नवाचार की संभावनाओं पर गहन चर्चा की।
कनिष्क नारायण का बिहार से गहरा नाता है। उनका जन्म इसी मिट्टी में हुआ और दो दशकों बाद लौटकर उन्होंने राज्य के बदलते परिदृश्य और तकनीकी प्रगति की सराहना की। उन्होंने मीडिया से कहा, “यह अपने जन्मस्थान पर लौटकर अद्भुत अनुभव है। बिहार तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक मंच पर अपना योगदान दे सकता है।”
संजय झा ने मुलाकात के दौरान बिहार में AI और डिजिटल नवाचार के व्यावहारिक उपयोग पर चर्चा करते हुए कहा कि राज्य कृषि प्रधान होने के बावजूद तकनीकी क्रांति के माध्यम से स्वास्थ्य, शिक्षा और सर्विस सेक्टर में बड़े बदलाव ला सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने एक मजबूत प्लेटफॉर्म तैयार किया है, जो युवा पीढ़ी को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बनाता है।
मुख्य बातचीत का केंद्र AI का व्यावहारिक इस्तेमाल रहा। झा ने कहा कि AI तकनीक के जरिए खेती की उत्पादकता बढ़ाई जा सकती है, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर और अधिक सुलभ बनाया जा सकता है, और स्टार्टअप्स व सर्विस सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में बिहार तकनीकी नवाचार में किसी भी विकसित राज्य से पीछे नहीं रहेगा।
कनिष्क नारायण ने भी राज्य में AI और डिजिटल परियोजनाओं के लिए स्थानीय प्रतिभा और वैश्विक निवेश को जोड़ने की संभावनाओं पर जोर दिया। उनका मानना है कि बिहार के स्टार्टअप्स, शैक्षणिक संस्थान और तकनीकी हब मिलकर राज्य में नवाचार की नई लहर ला सकते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को AI परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, ताकि युवा रोजगार के अवसर पा सकें और राज्य में निवेश बढ़े।
मुलाकात में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी पहल, स्टार्टअप इकोसिस्टम और तकनीकी शिक्षा जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि बिहार में “ग्लोबल टैलेंट” और “लोकल पोटेंशियल” का संयोजन राज्य को AI और तकनीकी नवाचार में अग्रणी बना सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि बिहार में तकनीक और AI के व्यावहारिक क्रियान्वयन की दिशा में एक मजबूत संकेत है। अगर राज्य में AI आधारित परियोजनाओं और नवाचारों को सही दिशा में लागू किया गया, तो यह कृषि, स्वास्थ्य और सेवाओं में क्रांति लाने के साथ बिहार को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में भी सहायक होगा।
कनिष्क नारायण का यह दौरा इस मायने में ऐतिहासिक है कि यह राज्य की युवा शक्ति, ग्लोबल सोच और स्थानीय क्षमता के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाला पहला बड़ा कदम माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में बिहार डिजिटल और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है, और इस मुलाकात ने उस मार्ग को स्पष्ट रूप से चिन्हित कर दिया है।

https://maannews.acnoo.com/public/frontend/img/header-adds/adds.jpg

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *